नई दिल्ली: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने बहुप्रतीक्षित चंद्र मिशन आर्टेमिस-II की तैयारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा तक ले जाने वाला विशाल मून रॉकेट अब तकनीकी जांच और जरूरी मरम्मत के लिए दोबारा हैंगर में वापस लाया जाएगा। इस वजह से मिशन की लॉन्च टाइमलाइन को कम से कम अप्रैल 2026 तक टाल दिया गया है।
केनेडी स्पेस सेंटर में लौटेगा रॉकेट
एजेंसी ने बताया कि मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में रॉकेट को इस सप्ताह Kennedy Space Center स्थित ‘व्हीकल असेंबली बिल्डिंग’ में वापस ले जाने की योजना है। यह कदम हाल ही में सामने आई तकनीकी समस्याओं की गहन जांच के लिए उठाया जा रहा है।
हाइड्रोजन लीकेज के बाद हीलियम सिस्टम में आई गड़बड़ी
हाल ही में इंजीनियरों ने खतरनाक हाइड्रोजन ईंधन रिसाव को नियंत्रित कर लिया था और इसके बाद 6 मार्च की संभावित लॉन्च डेट तय की गई थी। लेकिन परीक्षण के दौरान रॉकेट की हीलियम प्रणाली में अचानक खराबी आ गई, जिससे ऊपरी चरण तक हीलियम का प्रवाह बाधित हो गया।
हीलियम गैस रॉकेट इंजनों को शुद्ध करने और ईंधन टैंकों में आवश्यक दबाव बनाए रखने के लिए बेहद अहम होती है। इस सिस्टम में आई रुकावट के चलते मिशन की समयसीमा को आगे बढ़ाना पड़ा।
आधी सदी बाद मानव चंद्र यात्रा की तैयारी
आर्टेमिस-II मिशन के तहत तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा की कक्षा में भेजा जाना है। ये अंतरिक्ष यात्री फिलहाल Houston में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
यह मिशन ऐतिहासिक इसलिए भी है क्योंकि इसके साथ ही मानव चंद्र यात्रा की वापसी होगी - आखिरी बार Apollo program के तहत 1968 से 1972 के बीच अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा तक भेजा गया था।
अप्रैल लॉन्च विंडो पर टिकी नजर
NASA का कहना है कि अप्रैल में लॉन्च का अगला प्रयास किया जा सकता है, हालांकि यह पूरी तरह मरम्मत कार्य की प्रगति और सिस्टम परीक्षणों पर निर्भर करेगा।



