नई दिल्ली, फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में स्पेन से 1-0 की हार के साथ पुर्तगाल का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। हार के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कोच रोबर्टो मार्टिनेज के उस फैसले की हो रही है, जिसमें उन्होंने पूरे मैच में 41 वर्षीय कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो को मैदान पर बनाए रखा, जबकि स्ट्राइकर गोंकालो रामोस को बेंच से नहीं उतारा।
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पूर्व चेल्सी स्ट्राइकर और फुटबॉल पंडित क्रिस सटन ने मार्टिनेज पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने टीम से ज्यादा रोनाल्डो को प्राथमिकता दी। सटन ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मार्टिनेज शर्मनाक हैं। गोंकालो रामोस पूरे मैच बेंच पर बैठे रहे और रोनाल्डो फिर अपनी मर्जी से खेलते रहे। पुर्तगाल की टीम सर्कस जैसी लग रही थी।"
मीडिया से चर्चा के दौरान सटन ने कहा कि 2022 विश्व कप में तत्कालीन कोच फर्नांडो सैंटोस ने साहस दिखाते हुए रोनाल्डो को बेंच पर बैठाया था और उसी मैच में रामोस ने स्विट्जरलैंड के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। उनके अनुसार, चार साल बाद रोनाल्डो की उम्र और बढ़ चुकी है, लेकिन मार्टिनेज ने बदलाव करने की हिम्मत नहीं दिखाई और इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।
स्पेन के खिलाफ मुकाबले में रोनाल्डो पूरे 90 मिनट खेले, लेकिन सिर्फ तीन शॉट लगाए, जिनमें दो निशाने पर रहे। पूरे मैच में उनके पास केवल 19 बार गेंद आई और दूसरे हाफ के आखिरी 10 मिनट में उन्होंने एक भी टच नहीं लिया। पुर्तगाल दूसरे हाफ में एक भी प्रभावी हमला नहीं कर सका और 10 शॉट से सिर्फ 0.58 एक्सपेक्टेड गोल (xG) ही बना सका।
हालांकि पूरे टूर्नामेंट में रोनाल्डो ने तीन गोल किए और 18 शॉट लगाए, लेकिन उन्होंने पांच मैचों में साथियों के लिए सिर्फ एक गोल का मौका बनाया। दूसरी ओर, रामोस ने इस विश्व कप में सीमित समय में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रोएशिया के खिलाफ प्री-राउंड ऑफ 16 मुकाबले में जीत दिलाने वाला गोल किया था। विश्व कप में अब तक रामोस 187 मिनट में चार गोल और एक असिस्ट कर चुके हैं।
ईएसपीएन के विश्लेषक क्रेग बर्ली ने भी मार्टिनेज के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने टीम के बजाय एक खिलाड़ी के लिए फैसला लिया और इसकी कीमत पुर्तगाल को चुकानी पड़ी। वहीं फ्रांस के पूर्व खिलाड़ी फ्रैंक लेबोएफ का मानना था कि दूसरे हाफ में रोनाल्डो प्रभावी नहीं रहे, इसलिए रामोस को उतारकर टीम को नया विकल्प देना चाहिए था।
मैच के बाद मार्टिनेज ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि रोनाल्डो सिर्फ एक महान फुटबॉलर ही नहीं, बल्कि टीम के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो ने विश्व कप जीतने का सपना पूरा करने के लिए अपना सब कुछ दिया और कप्तान के रूप में उनका योगदान खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के लिए हमेशा यादगार रहेगा।
हालांकि मार्टिनेज की कोचिंग में पुर्तगाल ने 2025 में नेशंस लीग का खिताब जीता था, लेकिन 2026 विश्व कप से बाहर होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या उन्होंने सही समय पर गोंकालो रामोस को मौका नहीं देकर पुर्तगाल की सबसे बड़ी उम्मीद खुद खत्म कर दी।



