पटना: बिहार की राजनीति में अगले कुछ दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले हैं। इसके साथ ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि बिहार को 15 अप्रैल तक नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली रवाना होंगे और शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ लेने के बाद वे उसी दिन पटना लौट सकते हैं।
बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को बिहार कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए नेतृत्व को लेकर चर्चा हो सकती है।
इसके बाद 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसी दिन एनडीए और सहयोगी दलों की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया जा सकता है।
इस बीच यह चर्चा भी जोरों पर है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जिन्होंने हाल ही में जेडीयू जॉइन की है, उन्हें नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में ये नाम सबसे आगे
नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होने की संभावना जताई जा रही है। संभावित दावेदारों में कई बड़े नाम शामिल हैं—
* सम्राट चौधरी – मौजूदा उपमुख्यमंत्री और भाजपा के प्रमुख ओबीसी चेहरा
* नित्यानंद राय – केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और उजियारपुर सांसद
* विजय कुमार सिन्हा – बिहार के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता
* संजीव चौरसिया – दीघा से विधायक
* नीतीश मिश्रा – झंझारपुर से विधायक
* दिलीप जायसवाल – पूर्व बिहार भाजपा अध्यक्ष
* राम कृपाल यादव – कृषि मंत्री और पूर्व सांसद
* जनक राम – पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद
अब बिहार की राजनीति में सभी की नजर 14 और 15 अप्रैल पर टिकी है, जब राज्य को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।



