पेशावर, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान सीमा के पास एक बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान में कम से कम 13 आतंकवादियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन की जानकारी Inter-Services Public Relations (ISPR) ने शुक्रवार को जारी बयान में दी।
दो जिलों में चला ऑपरेशन
आईएसपीआर के अनुसार, यह कार्रवाई 28 और 29 अप्रैल को Mohmand District और North Waziristan में की गई। दोनों इलाके अफगानिस्तान सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं।
घुसपैठ की कोशिश नाकाम
रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मंद जिले में सुरक्षा बलों ने सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों के एक समूह का पता लगाया। मुठभेड़ के दौरान 8 आतंकवादी मारे गए।
वहीं, उत्तरी वज़ीरिस्तान में भी इसी तरह की एक और घुसपैठ की कोशिश को विफल किया गया, जहां सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस दौरान 5 आतंकवादी ढेर कर दिए गए।
‘फितना-अल-ख्वारिज’ का इस्तेमाल
पाकिस्तानी सरकार इन आतंकियों के लिए “फितना-अल-ख्वारिज” शब्द का उपयोग करती है, जो प्रतिबंधित संगठन Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) के लिए प्रयुक्त होता है।
सर्च ऑपरेशन जारी
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि किसी भी छिपे हुए आतंकी को खत्म किया जा सके और सीमा क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
आतंकवाद में बढ़ोतरी की चिंता
इस बीच, Pakistan Institute for Peace Studies की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद देश में 2025 के दौरान हिंसा में तेज वृद्धि हुई है।
• आतंकवादी हमलों में 34% बढ़ोतरी
• मौतों में 21% सालाना इजाफा
वहीं, Centre for Research and Security Studies (CRSS) की रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा के चलते मौतों का आंकड़ा 2024 के 1,620 से बढ़कर 2025 में 2,331 तक पहुंच गया।



