मुंबई, महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ती अवैध उत्खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में जानकारी दी कि सरकार अब ड्रोन तकनीक के जरिए निगरानी को और व्यापक बनाएगी तथा संयुक्त प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करेगी।
ड्रोन से होगी हाई-टेक मॉनिटरिंग
मंत्री ने बताया कि रेत, मिट्टी और महत्वपूर्ण खनिजों के अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्रोन सर्विलांस सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। इससे संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में बिना प्रत्यक्ष मानवीय हस्तक्षेप के निगरानी संभव हो सकेगी। सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से अवैध खनन पर तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रभावशाली गिरोहों पर कड़ा शिकंजा
बावनकुले ने स्वीकार किया कि अवैध खनन में कुछ प्रभावशाली तत्वों की संलिप्तता सामने आई है, जिससे कार्रवाई में चुनौतियां आती हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है और बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
विशेष कार्यबल का गठन
राज्य सरकार ने अवैध उत्खनन के खिलाफ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टीम राजस्व, पुलिस और वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाएगी। हाल के दिनों में कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
विधानसभा में उठा मुद्दा
विधानसभा में भाजपा विधायक समाधान अवताडे द्वारा वन अधिकारियों पर हमलों का मुद्दा उठाया गया था। इस पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में अवैध उत्खनन की घटनाएं अधिक सामने आ रही हैं, जिन्हें सरकार गंभीरता से ले रही है।
सरकार का स्पष्ट संदेश
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ड्रोन तकनीक, सख्त प्रवर्तन और विशेष टास्क फोर्स के जरिए अवैध गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार किया जाएगा।



