नई दिल्ली : मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस नई बढ़ोतरी के साथ देश में चीतों की कुल संख्या अब 38 हो गई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को यह जानकारी साझा करते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि कुनो में इन शावकों का जन्म ‘प्रोजेक्ट चीता’ की सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘प्रोजेक्ट चीता’ को मिली नई मजबूती
गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 के दौरान नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कुल 20 चीतों को भारत लाया गया था। यह दुनिया में पहली बार था जब किसी बड़े मांसाहारी वन्यजीव का अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण सफलतापूर्वक किया गया। इस महत्वाकांक्षी पहल को प्रोजेक्ट चीता के तहत लागू किया गया था।
मादा चीता गामिनी दूसरी बार मां बनी है। इन तीन शावकों के जन्म के साथ ही भारत में जन्म लेने वाले शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकेत है कि कुनो का पारिस्थितिक तंत्र चीतों के अनुकूल होता जा रहा है।
संरक्षण प्रयासों का परिणाम
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नए शावक का जन्म वन्यजीव संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने क्षेत्रीय वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकीय टीमों के समर्पण की भी सराहना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह प्रजनन दर बनी रहती है, तो आने वाले वर्षों में भारत में चीतों की आबादी स्थिर और आत्मनिर्भर हो सकती है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान को भविष्य में चीतों के लिए एक प्रमुख आवास के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

