कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड’ की रिलीज पर एकल न्यायाधीश द्वारा लगाए गए अंतरिम स्थगन आदेश पर दो सप्ताह के लिए रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले से फिल्म की रिलीज को लेकर पैदा हुआ कानूनी संशय फिलहाल टल गया है।
देर रात सुनवाई के बाद आया फैसला
फिल्म की रिलीज पर रोक लगाए जाने के कुछ ही घंटों बाद निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने डिवीजन बेंच के समक्ष अपील दायर की। इस अपील पर न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति पी.वी. बालकृष्णन की पीठ ने सुनवाई की।
पीठ ने गुरुवार देर रात आदेश सुरक्षित रखा था और शुक्रवार को एकल न्यायाधीश के आदेश पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय सुनाया। विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
निर्माता की दलील: फिल्म किसी समुदाय के खिलाफ नहीं
अपील में निर्माता विपुल शाह ने कहा कि फिल्म न तो केरल राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाती है और न ही किसी धार्मिक समुदाय को बदनाम करती है। उनके वकीलों ने अदालत में तर्क दिया कि यह फिल्म “एक सामाजिक बुराई को उजागर करने का प्रयास” है।
निर्माता ने यह भी बताया कि फिल्म को 27 फरवरी को देशभर के लगभग 1,500 सिनेमाघरों और विदेशों में 300 से अधिक थिएटरों में रिलीज किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में रिलीज पर रोक से निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एकल न्यायाधीश ने क्यों लगाई थी रोक?
इससे पहले एकल न्यायाधीश ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने कानून के तहत आवश्यक मानकों पर पर्याप्त विचार नहीं किया है।
अदालत ने यह भी आशंका जताई थी कि फिल्म में सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने या किसी समुदाय की भावनाएं आहत होने की संभावना हो सकती है। इसलिए विस्तृत जांच के बिना फिल्म की रिलीज को उचित नहीं माना गया था।

