जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के बाद अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और काफिले में जैमर व बुलेटप्रूफ वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से मौजूदा सुरक्षा इंतजामों को लेकर तत्काल पुनर्मूल्यांकन करने को कहा है।
उपमुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी कि करीब छह महीने पहले उनके काफिले में शामिल एक जैमर वाहन को मरम्मत के नाम पर हटा लिया गया था, लेकिन अब तक उसे वापस तैनात नहीं किया गया है। इसको लेकर उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर भी असंतोष जताया है।
दरअसल, बुधवार को जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुई गोलीबारी में नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला पर बेहद करीब से हमला किया गया था। हालांकि वे इस हमले में बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मौके पर ही 63 वर्षीय आरोपी कमल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
राजौरी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुरिंदर चौधरी ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खतरे के आकलन के आधार पर ही सुरक्षा बढ़ाने या घटाने का फैसला संबंधित विभागों को करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यदि अधिकारियों को लगता है कि मेरी सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है तो वे उचित कदम उठाएं, और यदि नहीं तो मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था भी वापस ली जा सकती है। मुझे जनता ने सेवा के लिए चुना है, अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए नहीं।”
फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गोली किसी का धर्म या पद नहीं देखती, यह किसी को भी लग सकती है। इसलिए सुरक्षा मामलों को गंभीरता से लेना जरूरी है।
इस बीच, जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) को लिखे गए एक आधिकारिक पत्र में उपमुख्यमंत्री के साथ विशेष ड्यूटी पर तैनात अधिकारी ने बताया कि 13 मार्च को नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित दौरे के लिए काफिले में बुलेटप्रूफ फॉर्च्यूनर वाहन शामिल करने का अनुरोध किया गया था, जिसे 15 मार्च से उपलब्ध कराया जाना था। हालांकि अब तक यह वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात और हाल ही में फारूक अब्दुल्ला पर हुई गोलीबारी को ध्यान में रखते हुए यह अनुरोध किया गया था। घटना के दौरान उपमुख्यमंत्री भी मौके पर मौजूद थे और वीवीआईपी के काफी करीब थे।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री ने काफिले में शामिल पुराने वाहनों को बदलने की भी मांग की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।



