बेरूत : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती करते हुए 80 से अधिक गांवों के निवासियों को क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया है। वहीं ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह इजराइल के साथ “आमने-सामने युद्ध” के लिए पूरी तरह तैयार है।
कैसे शुरू हुआ ताजा टकराव?
तनाव की यह नई लहर सोमवार तड़के उस समय शुरू हुई जब हिजबुल्ला ने उत्तरी इजराइल की ओर रॉकेट और ड्रोन दागे। इसके जवाब में इजराइली सेना ने लेबनान के विभिन्न इलाकों में हवाई हमले किए। शुरुआती रिपोर्टों में 52 लोगों की मौत की बात कही गई थी, लेकिन बाद में लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़ा संशोधित करते हुए 40 मृतकों की पुष्टि की।मारे गए लोगों में सात बच्चे और बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हिजबुल्ला का एक खुफिया अधिकारी भी शामिल बताया गया है।
विस्थापन और मानवीय संकट गहराया
लेबनान के अधिकारियों के अनुसार, हमलों में 246 लोग घायल हुए हैं और हजारों नागरिकों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने बताया कि करीब 30,000 विस्थापित लोग सामूहिक आश्रयों में रह रहे हैं, जबकि कई परिवार सुरक्षित ठिकाना न मिलने के कारण अपनी कारों में या सड़कों के किनारे शरण लेने को मजबूर हैं।
बेरूत में भी हमले, मीडिया भवन क्षतिग्रस्त
इजराइली हवाई हमलों में हिजबुल्ला के टेलीविजन और रेडियो स्टेशन की एक इमारत को भी नुकसान पहुंचा है। मंगलवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में कई हमले बिना पूर्व चेतावनी के किए गए। बाद में इजराइली सेना ने बयान जारी कर कहा कि इन हमलों का लक्ष्य हिजबुल्ला के सदस्य थे।
व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में पहले से तनाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकते हैं, जिससे मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

