बेंगलुरु: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत से पहले कर्नाटक की राजनीति में ‘वीआईपी संस्कृति’ को लेकर नई बहस छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक एस. सुरेश कुमार ने विधायकों को मैच के टिकट देने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गलत परंपरा बताया है।
दरअसल, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घोषणा की थी कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले आईपीएल मैच के लिए हर विधायक को दो टिकट देने पर सहमति जताई है। यह मैच 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेश कुमार ने कहा कि उन्हें इन टिकटों की कोई आवश्यकता नहीं है और वे इन्हें लेने से इनकार करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खुद को समाजवादी बताती है, लेकिन इस तरह के फैसले ‘वीआईपी संस्कृति’ को बढ़ावा देते हैं, जो आम जनता के बीच नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के महज 24 घंटे के भीतर सरकार इतनी जल्दी निर्णय लेने के लिए क्यों उत्साहित थी। उल्लेखनीय है कि विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने पहले सुझाव दिया था कि प्रत्येक विधायक को चार वीआईपी टिकट दिए जाएं।
सुरेश कुमार ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह विडंबना है कि समाजवाद की बात करने वाली सरकार ऐसे विशेषाधिकारों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं को आम जनता से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए, न कि विशेष सुविधाओं के जरिए खुद को अलग दिखाना चाहिए।
इस मुद्दे ने राज्य में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है और ‘वीआईपी कल्चर’ बनाम ‘जनसमानता’ की चर्चा एक बार फिर केंद्र में आ गई है।



