जैसलमेर: भारतीय सेना की Southern Command ने मंगलवार को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में ‘एक्सरसाइज अग्नि वर्षा’ का आयोजन किया। इस इंटीग्रेटेड फायर एंड मैन्युवर युद्धाभ्यास के जरिए सेना ने रेगिस्तानी इलाके में अपनी ऑपरेशनल तैयारी और संयुक्त युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया।
यह सैन्य अभ्यास वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त हथियारों के समन्वित उपयोग, लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और नेटवर्क आधारित कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम की प्रभावशीलता को परखा गया। अभ्यास के दौरान मैकेनाइज्ड फोर्सेस ने मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स में तेज गति और सटीक समन्वय के साथ अपनी युद्धक दक्षता प्रदर्शित की।
इस अभ्यास को 25 देशों से आए विदेशी रक्षा पत्रकारों ने भी देखा। उन्हें थार रेगिस्तान में भारतीय सेना की संयुक्त युद्ध संरचनाओं द्वारा हासिल की गई गति, सटीकता और तालमेल का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
अभ्यास ‘अग्नि वर्षा’ में आधुनिक युद्धक्षेत्र से जुड़ी कई अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। इनमें मानव रहित हवाई प्रणाली, काउंटर-ड्रोन उपाय, प्रिसिजन स्ट्राइक रॉकेट्स, आधुनिक आर्टिलरी प्लेटफॉर्म और नेटवर्क आधारित निगरानी प्रणाली शामिल रहे।
इंटीग्रेटेड मैन्युवर फोर्स में T-90 Main Battle Tank, इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, K-9 Vajra सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर, Sharang Artillery System, Bofors Artillery System, स्वदेशी ALH Weapon System Integrated हेलीकॉप्टर, Apache Attack Helicopter और विभिन्न निगरानी एवं स्ट्राइक ड्रोन शामिल रहे।
यह युद्धाभ्यास भारतीय सेना के तकनीकी आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और क्षमता विकास पर लगातार दिए जा रहे जोर को दर्शाता है। साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप त्वरित, समन्वित और निर्णायक सैन्य अभियानों को अंजाम देने की सेना की तैयारियों को भी मजबूत करता है।

