नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की संभावित कमी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार ने वैकल्पिक सप्लाई रूट तैयार कर लिए हैं और जल्द ही नई खेप भारत पहुंचने की उम्मीद है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तेल और गैस आयात के स्रोतों का विस्तार किया है। पहले जहां भारत 27 देशों से तेल और गैस खरीदता था, अब यह संख्या बढ़ाकर लगभग 40 देशों तक कर दी गई है।
घरेलू LPG उत्पादन में 10% की बढ़ोतरी
ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए देश की रिफाइनरियों को अधिकतम क्षमता पर संचालन के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स, जो दुनिया का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड रिफाइनिंग हब है, भी घरेलू बाजार के लिए एलपीजी उत्पादन बढ़ा रहा है। कंपनी ने कहा कि उनकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि भारतीय बाजार में एलपीजी की सप्लाई स्थिर बनी रहे।
KG-D6 बेसिन से गैस सप्लाई प्राथमिक क्षेत्रों को सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार KG-D6 बेसिन से निकलने वाली प्राकृतिक गैस को प्राथमिक क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डायवर्ट किया जा रहा है। इसका उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक क्षेत्रों को गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
CNG और PNG की सप्लाई सामान्य
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
उन्होंने बताया कि उद्योगों को भी उनकी जरूरत का लगभग 70 से 80 प्रतिशत गैस मिल रहा है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकारी सूत्रों ने कहा कि एलपीजी की कमी की खबरें भ्रामक हैं। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और घरेलू उपयोग के लिए गैस की सप्लाई सुनिश्चित की गई है।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में Essential Commodities Act लागू किया गया है ताकि किसी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोका जा सके। साथ ही निगरानी अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
रेस्टोरेंट इंडस्ट्री की चिंता
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के वाइस प्रेसिडेंट जोरावर कालरा ने कहा कि यदि एलपीजी सप्लाई में व्यवधान जारी रहता है तो रेस्टोरेंट उद्योग को प्रतिदिन 1200 से 1300 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।उन्होंने बताया कि देश के लगभग 70 से 75 प्रतिशत रेस्टोरेंट एलपीजी पर निर्भर हैं। उद्योग ने सरकार से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर रेस्टोरेंट्स को भी आवश्यक सेवा का दर्जा दिया जाए।
सरकार का भरोसा: ऊर्जा सप्लाई सुरक्षित
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कई वैकल्पिक कदम उठाए हैं। विभिन्न देशों से लगातार संपर्क में रहकर सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है ताकि देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान स्थिति पहले की तुलना में स्थिर है और घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई में किसी तरह की कमी नहीं है।



