नई दिल्ली: Union Ministry of Home Affairs ने आज भारत की पहली राष्ट्रीय काउंटर-टेररिज़्म पॉलिसी और स्ट्रेटेजी जारी कर दी है। भारत की नई आतंकवाद-रोधी रणनीति ‘PRAHAAR’ को नागरिकों की सुरक्षा, राष्ट्रीय हितों की रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
सरकार के अनुसार, यह नीति एक व्यापक और समग्र दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसका उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों को रोकना, उनका प्रभावी जवाब देना और देश की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है।
‘PRAHAAR’ रणनीति के प्रमुख उद्देश्य
भारत की नई काउंटर-टेररिज़्म रणनीति निम्नलिखित मुख्य सिद्धांतों पर आधारित है:
* आतंकवादी हमलों की रोकथाम: भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संभावित आतंकी हमलों को पहले ही रोकना।
* तेज और संतुलित प्रतिक्रिया: किसी भी आतंकी खतरे के प्रति त्वरित और परिस्थिति के अनुरूप जवाब देना।
* आंतरिक क्षमताओं का समन्वय: केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए पूरे सरकारी तंत्र को एकीकृत रूप से कार्य करने योग्य बनाना।
* मानवाधिकार और कानून का शासन: आतंकवाद से निपटने के दौरान मानवाधिकारों और ‘रूल ऑफ लॉ’ आधारित प्रक्रियाओं का पालन।
* कट्टरपंथ की रोकथाम: आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों, विशेषकर उग्रवाद और कट्टरपंथ को कम करना।
* अंतरराष्ट्रीय सहयोग: वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ प्रयासों को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को बढ़ावा देना।
* पुनर्प्राप्ति और लचीलापन: समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के साथ आतंकवाद के बाद की स्थिति से उबरने की क्षमता विकसित करना।
राष्ट्रीय सुरक्षा को मिलेगा मजबूती
सरकार का मानना है कि ‘PRAHAAR’ रणनीति के लागू होने से देश में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी। यह नीति एक Whole-of-Government और Whole-of-Society Approach के तहत तैयार की गई है, जिससे केंद्र, राज्य और नागरिक समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



