नई दिल्ली: देश में गर्मी का असर इस साल जल्दी और ज्यादा तीव्र हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताज़ा मासिक पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि मार्च से मई 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में लू (Heatwave) से प्रभावित दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रह सकती है।
किन राज्यों में ज्यादा असर की आशंका?
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में लू का प्रभाव देखने को मिल सकता है। जिन राज्यों में विशेष रूप से अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, उनमें शामिल हैं:
* पश्चिमी राजस्थान
* गुजरात
* हरियाणा
* पंजाब
* दक्षिणी और पूर्वी महाराष्ट्र
* पूर्वी उत्तर प्रदेश
* बिहार
* झारखंड
* पश्चिम बंगाल (गंगा के मैदानी क्षेत्र)
* ओडिशा
* छत्तीसगढ़
* तेलंगाना
* आंध्र प्रदेश
* उत्तरी कर्नाटक
* उत्तरी तमिलनाडु के कुछ क्षेत्र
इन क्षेत्रों में तापमान में तेज बढ़ोतरी और लगातार गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मार्च में तापमान कैसा रहेगा?
हालांकि आईएमडी ने यह भी कहा है कि मार्च महीने के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों, साथ ही मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ भागों को छोड़कर देश के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में औसत वर्षा सामान्य रहने की संभावना है, जिसकी वजह से शुरुआती महीने में तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।
फरवरी में बारिश का रिकॉर्ड
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष फरवरी महीने में पूरे भारत में वर्ष 2001 के बाद सबसे कम वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा, फरवरी में देश के किसी भी हिस्से में शीत लहर नहीं चली और दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहा। यह संकेत देता है कि सर्दी का प्रभाव कमजोर रहा और गर्मी का मौसम अपेक्षाकृत जल्दी सक्रिय हो सकता है।
क्या करें सावधानी?
विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित लू को देखते हुए लोगों को अभी से सावधानी बरतनी चाहिए—
- * दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचें
- * पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- * बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें
- * स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह पर नजर बनाए रखें
गर्मी के इस संभावित बढ़ते असर को देखते हुए आने वाले महीनों में मौसम से जुड़ी अपडेट्स पर लगातार ध्यान देना जरूरी होगा।

