नई दिल्ली: भारतीय महिलाएं अब हर क्षेत्र में पुरुष के साथ बराबरी करने की कोशिश कर रही हैं। चाहे वह शिक्षा क्षेत्र हो या सुरक्षा क्षेत्र। अब ऐसा ही कुछ भारतीय सैन अकादमी में हुआ है। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के 94 साल के इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट्स एक साथ भारतीय सेना में अधिकारी बनीं। इन 9 महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। इन महिलाओं ने "अंतिम पग" पार कर भारतीय सेना में नया इतिहास बनाया है।
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देहरादून स्थित IMA की स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी। तब से अब तक यहां से कुल 65 हजार से ज्यादा सैन्य अधिकारी भारतीय सेना में शामिल हुए हैं। इस बार पासिंग आउट परेड में कुल 481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स पास आउट हुए। इनमें 16 मित्र देशों के कैडेट भी शामिल थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली।
इन 9 महिला अधिकारियों की शुरुआत अगस्त 2022 में हुई थी। इन महिला कैडेट्स ने पहली बार NDA में प्रवेश लिया। इसके बाद तीन साल की ट्रेनिंग पूरी की और बाद में मई 2025 में 18 महिला कैडेट्स ग्रेजुएट हुईं। इनमें से 9 ने भारतीय सेना में शामिल होने का फैसला किया और फिर IMA में करीब एक साल की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की।
साल 1992 से भारत में महिलाओं को मेडिकल सेवाओं के अलावा अन्य शाखाओं में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए अधिकारी बनने का मौका मिलने लगा था। अब पहली बार IMA से ट्रेनिंग लेकर महिला कैडेट्स स्थायी कमीशन के साथ सेना की अधिकारी बनी हैं।
इससे पहले महिलाओं को मुख्य रूप से चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विस और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के जरिए सेना में नियुक्त किया जाता था।



