नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज मुकाबले में कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच रोमांचक मुकाबला कहला गया। यह मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। खेल के शुरुआत में कनाडा की टीम थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन, बाद में इस टीम ने अपना खेल का अंदाज बदला और मैच ड्रॉ करने में कामयाब हुई।
मैच की शुरुआत बेहद अच्छी रही। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल शुरू किया। मैच के 21वें मिनट में बोस्निया के जोवो ल्युकिक ने शानदार गोल किया और अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। ल्युकिक का यह इंटरनेशनल फुटबॉल करियर का पहला गोल भी था। इस गोल के बाद बोस्नियाई टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया। इस टीम ने पहले हाफ के अंत तक मैच पर अपना पूरा नियंत्रण बनाए रखा। लेकिन, पहले हाफ के इंजरी टाइम में ल्युकिक को रेफरी ने पीला कार्ड भी दिखाया गया।
हाफ-टाइम के ब्रेक के बाद कनाडाई टीम नई रणनीति के साथ मैदान पर उतरी। टीम के खिलाड़ियों ने आक्रामक होकर बोस्निया-हर्जेगोविना के गोल पोस्ट पर एक के बाद एक कई हमले किए। हालांकि, बोस्निया की टीम भी गोल होने से रोकने में कामयाब हो रही थी। ऐसे में कनाडा की टीम ने एक नए खिलाड़ी को मैदान पर उतारा। इस खिलाड़ी का नाम साइल लैरिन है, इसे सबस्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतारा। कोच का यह फैसला सही साबित हुआ। 78वें मिनट में लैरिन ने एक बेहतरीन गोल किया और स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
पूरा खेल खत्म होने तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। मैच के अंतिम नतीजों के लिए रेफरी ने 6 मिनट का इंजरी टाइम जोड़ा। इन अंतिम मिनटों में दोनों टीमों ने अपनी जी जान लगाकर गोल दागने की कोशिश की लेकिन वह कामयाब नहीं हो सकी। नतीजा यह हुआ कि, इस टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में दोनों टीमों को अंक बांटने पड़े।



