मियामी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पश्चिम एशिया की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़ा संघर्ष खत्म होने के बाद सऊदी अरब और इजराइल के बीच संबंध सामान्य करने का यह सबसे उपयुक्त समय होगा।
मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब काफी कमजोर हो चुका है और उसकी ताकत पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि इस बदले हुए भू-राजनीतिक माहौल का फायदा उठाते हुए ‘अब्राहम समझौते’ को आगे बढ़ाना चाहिए।
अब्राहम समझौते पर फिर जोर
ट्रंप लंबे समय से ‘अब्राहम समझौते’ के जरिए इजराइल और अरब देशों के बीच संबंध सुधारने की कोशिश करते रहे हैं। उनके कार्यकाल में कई अरब देशों ने इजराइल के साथ कूटनीतिक रिश्ते स्थापित किए थे।
अब ट्रंप का मानना है कि सऊदी अरब को भी इस पहल में शामिल करने का सही समय आ गया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूती मिल सकती है।
सऊदी अरब की शर्त बनी बड़ी बाधा
हालांकि, सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य करना आसान नहीं है। सऊदी अरब ने साफ किया है कि वह तब तक इजराइल के साथ पूर्ण कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध स्थापित नहीं करेगा, जब तक Palestine के लिए एक स्वतंत्र राज्य की दिशा में ठोस और विश्वसनीय प्रगति नहीं होती।
क्या आगे बढ़ेगी कूटनीति?
मध्य पूर्व की बदलती परिस्थितियों के बीच ट्रंप का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में सऊदी अरब और इजराइल इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।



