नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। ईरान से जुड़े संघर्ष के तेज होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 2022 के बाद पहली बार 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव अचानक तेजी के साथ बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शुक्रवार को यह कीमत लगभग 92.69 डॉलर प्रति बैरल थी, यानी महज कुछ ही समय में करीब 23 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़ा युद्ध दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और इसका असर अब मध्य पूर्व के कई अहम क्षेत्रों पर पड़ रहा है। फारस की खाड़ी के आसपास स्थित कई देश और समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस उत्पादन तथा सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
युद्ध के चलते इन क्षेत्रों में अस्थिरता बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आई है और आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर क्षेत्रीय तनाव लंबा खिंचता है तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।

