नई दिल्ली: कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्गों के लिए निर्धारित बजट के गलत इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि इन वर्गों के कल्याण के लिए आवंटित राशि को ऐसे कार्यों में खर्च किया जा रहा है, जिनका सीधे तौर पर दलितों और आदिवासियों से कोई संबंध नहीं है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए लगभग 58 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में से SC वर्ग के लिए 1.96 लाख करोड़ रुपये और ST वर्ग के लिए 1.41 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन इसका वास्तविक लाभ लक्षित समुदायों तक नहीं पहुंच रहा।
राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों के बजटीय आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि SC-ST बजट का केवल 41 प्रतिशत हिस्सा ही उनके विकास से जुड़ी योजनाओं में खर्च हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 42 प्रतिशत राशि सामान्य योजनाओं में और 17 प्रतिशत ऐसे कार्यक्रमों में खर्च की जा रही है, जिनका दलित और आदिवासी समुदायों से सीधा सरोकार नहीं है।
गौतम ने यह भी बताया कि SC-ST मद से यूरिया सब्सिडी के लिए 14,584 करोड़ रुपये, उर्वरक सब्सिडी में 6,804 करोड़ रुपये और दूरसंचार क्षतिपूर्ति के लिए 2,539 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो सामाजिक न्याय के मूल उद्देश्य के खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि अनुसूचित जाति और जनजाति उपयोजना (SCSP-TSP) के तहत आवंटित बजट का उपयोग केवल शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसी योजनाओं में किया जाए, ताकि वंचित वर्गों को वास्तविक लाभ मिल सके।

