नई दिल्ली: कोलंबिया के दक्षिणी अमेजन क्षेत्र में सोमवार को हुए एक भीषण विमान हादसे में अब तक 66 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह दुर्घटना कोलंबियाई वायु सेना के हाल के इतिहास की सबसे घातक घटनाओं में से एक मानी जा रही है। विमान में कुल 125 लोग सवार थे, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि करीब 21 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा?
रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित हरक्यूलिस C-130 सैन्य परिवहन विमान पेरू सीमा के पास स्थित प्यूर्टो लेगुइजामो से उड़ान भर रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टेकऑफ के दौरान विमान रनवे के अंत में किसी वस्तु से टकरा गया।
फायरफाइटर एडुआर्डो सैन जुआन कैलेजास ने बताया कि टक्कर के बाद विमान का संतुलन बिगड़ गया और नीचे गिरते समय उसका एक पंख पेड़ से जा टकराया। इसके बाद विमान में आग लग गई और उसमें मौजूद विस्फोटक सामग्री के कारण धमाके भी हुए, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें
दुर्घटनास्थल बेहद दूरदराज और जंगलों से घिरा हुआ है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भारी दिक्कतें आईं। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद की। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग मोटरसाइकिलों से घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
बाद में सेना की टीमें भी मौके पर पहुंचीं, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऑपरेशन प्रभावित रहा।
आंकड़ों में बदलाव संभव
अधिकारियों ने बताया है कि मृतकों और घायलों की संख्या अभी बदल सकती है, क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं और बचाव कार्य जारी है।



