नई दिल्ली, पंजाब में मंगलवार रात हुए दो धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। ये धमाके जालंधर और अमृतसर में अलग-अलग स्थानों पर हुए, जिनके बाद पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस घटना को लेकर फारूक अब्दुल्ला का बयान भी चर्चा में आ गया है।
क्या बोले फारूक अब्दुल्ला?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत में इस तरह के धमाके कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताते हुए कहा कि देश में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।
तीन घंटे के भीतर दो धमाके
मंगलवार रात करीब 8:15 बजे जालंधर में BSF मुख्यालय के बाहर एक स्कूटी में विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब डेढ़ किलोमीटर तक सुनाई दी। इस घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है, जबकि स्कूटी चालक को हिरासत में लिया गया है।
इसके लगभग तीन घंटे बाद, रात 10:50 बजे अमृतसर के खासा इलाके में, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है, एक और धमाका हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाइक सवार दो संदिग्धों ने विस्फोटक सामग्री को फेंककर हमला किया।
नुकसान और जांच
अमृतसर धमाके में BSF मुख्यालय की दीवार और टीन शेड को नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई। शक जताया जा रहा है कि हमले में ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया।
इस मामले की जांच के लिए NIA की टीम भी सक्रिय हो गई है। आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
जानकारी के मुताबिक, पिछले 18 महीनों में पंजाब में करीब 16 पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले हो चुके हैं। ऐसे में यह घटना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इन दोनों धमाकों के बाद पूरे पंजाब में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं।



