चंडीगढ़, पंजाब के अमृतसर और जालंधर में कुछ घंटों के भीतर हुई दो संदिग्ध धमाके जैसी घटनाओं ने पूरे राज्य में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बीजेपी जहां भी चुनाव लड़ना चाहती है, वहां पहले अशांति फैलाने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे-छोटे धमाके कराए जाते हैं और लोगों को धर्म व जाति के आधार पर बांटने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
अमृतसर में देर रात संदिग्ध धमाका
अमृतसर के खासा कैंटोनमेंट इलाके में देर रात एक संदिग्ध विस्फोट की सूचना मिली। धमाके की आवाज सुनते ही पुलिस और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं।
अमृतसर के एसपी आदित्य एस वारियर के अनुसार, बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीमों को जांच के लिए लगाया गया है। उन्होंने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने धमाके हुए और उनकी वास्तविक वजह क्या है। घटनास्थल से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
जालंधर में स्कूटर में धमाका या आग?
इससे पहले शाम को जालंधर में बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर खड़े एक स्कूटर में आग लग गई, जिसे प्रत्यक्षदर्शियों ने धमाका बताया।
घटना में 22 वर्षीय गुरप्रीत सिंह, जो एक कूरियर डिलीवरी वर्कर है, मामूली रूप से घायल हुआ। परिवार के अनुसार, वह कुछ ही पल पहले स्कूटर से दूर हुआ था, तभी यह घटना हुई। उन्होंने शक जताया कि स्कूटर पर कोई वस्तु फेंकी गई हो सकती है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि खालिस्तान लिबरेशन फोर्स ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह विस्फोट था या आकस्मिक आग — सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी
दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। फोरेंसिक टीम, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थलों को घेर लिया है और जांच जारी है। घायल युवक भी जांच में सहयोग कर रहा है।
हालिया घटनाओं से बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि 27 अप्रैल को पटियाला के राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की कोशिश की घटना भी सामने आई थी, जिसमें आरोपी की मौत हो गई थी। इन लगातार घटनाओं ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए सरकार पर बिना जांच के निष्कर्ष निकालने का आरोप लगाया।
बीजेपी और कांग्रेस नेताओं ने भी सुरक्षा में चूक का मुद्दा उठाते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है।



