गुवाहाटी: असम की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद राज्य में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने संकेत दिए हैं कि यदि बोरा भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना चाहें तो उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं।
‘बीजेपी में आएं तो सुरक्षित सीट से चुनाव लड़वाएंगे’
मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि बोरा ने अभी तक भाजपा या उनसे किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भूपेन बोरा भाजपा का दामन थामते हैं, तो पार्टी उन्हें एक “सुरक्षित सीट” से चुनाव लड़वाने का प्रयास करेगी।
कांग्रेस को बड़ा झटका
भूपेन बोरा ने सोमवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेज दिया। आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अपने इस्तीफे में बोरा ने आरोप लगाया कि राज्य इकाई में उन्हें पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा था और पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था।
2021 से 2025 तक संभाली थी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। पिछले वर्ष उनकी जगह गौरव गोगोई को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। बोरा दो बार असम विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं और राज्य की राजनीति में उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में रही है।
‘कांग्रेस में आम परिवारों को नहीं मिलता सम्मान’
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बोरा के इस्तीफे को कांग्रेस के भीतर आम कार्यकर्ताओं की स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि यह संदेश देता है कि पार्टी में साधारण परिवार से आने वाले नेताओं के लिए आगे बढ़ने की संभावनाएं सीमित हैं। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और भाजपा ने उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाया।शर्मा ने यह भी कहा कि वह बोरा से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी आगे की राजनीतिक योजनाओं पर चर्चा करेंगे।



