बारामती, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बारामती उपचुनाव में निर्विरोध जीतने की संभावना मजबूत हो गई है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने चुनावी मुकाबले से अपने उम्मीदवार को वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय नामांकन वापसी की अंतिम तारीख से ठीक पहले लिया गया, जिसकी समयसीमा आज समाप्त हो रही है।
इससे पहले कांग्रेस ने आकाश मोरे को सुनेत्रा पवार के खिलाफ मैदान में उतारा था। हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व ने अपना रुख बदलते हुए उम्मीदवार को हटाने का फैसला किया।
एनसीपी नेताओं के अनुरोध के बाद बदला कांग्रेस का रुख
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से संपर्क कर पार्टी के निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की थी। इस संबंध में एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने भी सपकाल से फोन पर चर्चा की थी।
शरद पवार और रोहित पवार ने भी की थी अपील
बताया जा रहा है कि शरद पवार और रोहित पवार ने भी कांग्रेस नेतृत्व से बारामती सीट पर चुनाव न लड़ने का आग्रह किया था। इसके बाद सुनेत्रा पवार ने स्वयं महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से संपर्क किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनेत्रा पवार ने 6 अप्रैल के बाद दूसरी बार बुधवार को सपकाल से बातचीत की, जिसमें उन्होंने कांग्रेस से उम्मीदवार वापस लेने और उन्हें निर्विरोध जीतने का मौका देने का अनुरोध किया।
पहले कांग्रेस ने रखी थी शर्त
गौरतलब है कि कांग्रेस ने पहले कहा था कि वह तभी अपना उम्मीदवार वापस लेगी, जब अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु से जुड़े मामले में FIR दर्ज की जाएगी। इसी घटना के कारण बारामती सीट खाली हुई थी, जिसके चलते उपचुनाव कराना पड़ा।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
कांग्रेस के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों से पहले महाविकास अघाड़ी और सहयोगी दलों के बीच सामंजस्य का संकेत हो सकता है।



