बागलकोट: कर्नाटक के बागलकोट शहर में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान अचानक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, पुराने शहर क्षेत्र में यात्रा के मस्जिद इलाके से गुजरने के दौरान अज्ञात तत्वों द्वारा कथित रूप से पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई।
पुलिस के अनुसार, शोभायात्रा दोपहर लगभग 3:30 बजे शुरू हुई थी और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम पहले से किए गए थे। यात्रा जैसे ही संवेदनशील क्षेत्र के पास पहुंची, उसी दौरान दूर से दो पत्थर फेंके गए। इनमें से एक पत्थर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कांस्टेबल को लगा, जबकि दूसरा उनके कंधे पर गिरा। हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि मामूली व्यवधान के बावजूद शोभायात्रा को तुरंत नियंत्रित कर आगे बढ़ाया गया और स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। एहतियात के तौर पर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। साथ ही, शोभायात्रा की रिकॉर्डिंग भी पुलिस द्वारा खंगाली जा रही है ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा के मद्देनज़र लागू की गई निषेधाज्ञा
घटना के बाद प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत बागलकोट के कुछ संवेदनशील इलाकों में 19 फरवरी की मध्यरात्रि से 24 फरवरी की मध्यरात्रि तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
इस आदेश के तहत:
* सार्वजनिक स्थानों पर चार या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा
* बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस या धरना आयोजित नहीं किया जा सकेगा
* हथियार या किसी भी खतरनाक वस्तु के साथ सार्वजनिक स्थान पर आने पर रोक रहेगी
* शांति व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। पुलिस द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।



