मुंबई: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के जीजा और अभिनेता आयुष शर्मा को धमकी भरा ईमेल भेजे जाने का मामला सामने आया है। मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार यह ईमेल सुरक्षित ईमेल सेवा Proton Mail के जरिए भेजा गया था। जांच में सामने आया है कि मेल भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक धमकी की सटीक प्रकृति का खुलासा नहीं किया है। आयुष शर्मा, सलमान खान की बहन अर्पिता खान के पति हैं। इस घटना के बाद मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुंबई में सेलिब्रिटीज को मिल रही धमकियां, बढ़ी सुरक्षा चिंता
गौरतलब है कि हाल के महीनों में मुंबई, जिसे देश की मनोरंजन राजधानी कहा जाता है, में फिल्मी सितारों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा
इसी बीच, फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग मामले में भी मुंबई क्राइम ब्रांच ने अहम खुलासे किए हैं। घटना में पांच राउंड गोलियां चलाई गई थीं।जांच में पता चला है कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई कार पुणे से लाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, यह वाहन पुणे के एक व्यक्ति का था, जिसने इसे कुछ दिन पहले आरोपी आदित्य गायकी को 30 हजार रुपये में बेचा था।आदित्य गायकी और समार्थ पोमाजी ने कथित तौर पर कार को जुहू में तय स्थान पर खड़ा किया था। जांच में सामने आया कि वाहन को मुंबई लाने वाले लोग शूटर की पहचान से अनजान थे।
फरार आरोपी ने दी थी वारदात की जिम्मेदारी
क्राइम ब्रांच के अनुसार, फरार आरोपी शुभम लोनकर ने शूटर को निर्देश दिया था कि वह तय जगह से वाहन उठाकर वारदात को अंजाम दे। जांच में यह भी सामने आया कि शुभम लोनकर ने एक आरोपी के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।
पुलिस ने अदालत को बताया कि शुभम लोनकर मुंबई में दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था। आरोप है कि उसने अपने भाई प्रवीण लोनकर को तीन हथियार उपलब्ध कराए थे, जिन्हें बाद में रोहित शेट्टी फायरिंग केस के आरोपियों को सौंपा गया।
आरोपियों पर MCOCA के तहत मामला दर्ज
इस मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों को विशेष अदालत ने 17 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने 15 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने निर्धारित तारीख तक ही हिरासत मंजूर की।सभी आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कानून संगठित अपराध और आतंकवाद से निपटने के लिए लागू किया गया था।

