नई दिल्ली, देश में रसोई गैस (एलपीजी) पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन का अस्थायी आवंटन करने का निर्णय लिया है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, यह व्यवस्था अगले 60 दिनों के लिए लागू रहेगी। इस दौरान केरोसिन का उपयोग मुख्य रूप से खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जाएगा, जिससे उन परिवारों को राहत मिल सके जो एलपीजी की कमी से जूझ रहे हैं।
21 राज्यों में फिर से शुरू होगी आपूर्ति
यह फैसला खास तौर पर उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें पहले ‘पीडीएस एसकेओ (केरोसिन-मुक्त)’ घोषित किया जा चुका था। अब इन क्षेत्रों में अस्थायी रूप से फिर से केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।
क्या है सरकार का उद्देश्य?
इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
* एलपीजी की कमी से प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक ईंधन मिल सके
* गरीब और जरूरतमंद घरों की बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें
* ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके
क्यों लिया गया यह फैसला?
हाल के दिनों में एलपीजी की मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन देखने को मिला है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह आपातकालीन कदम उठाया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को तत्काल राहत दी जा सके।



