मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत से जुड़े विमान हादसे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इस हादसे को केवल दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसमें साजिश की संभावना जताई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच केवल स्थानीय एजेंसियों तक सीमित न रहे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ संस्थाओं को भी इसमें शामिल किया जाए।
मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने कहा कि दुर्घटना की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने विमान के पायलट कैप्टन सुमित कपूर के पुराने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें पहले शराब सेवन के मामले में तीन साल के लिए निलंबित किया जा चुका था। ऐसे में उनकी भूमिका पर संदेह होना स्वाभाविक है।
रोहित पवार ने यह भी कहा कि अपराध जांच विभाग (CID) के पास इस जटिल हादसे की गहराई से जांच करने की तकनीकी क्षमता नहीं है। उन्होंने मांग की कि भारतीय एजेंसियों के साथ-साथ अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB), नागरिक विमानन सुरक्षा जांच एवं विश्लेषण ब्यूरो और ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को जांच में शामिल किया जाए।
उन्होंने लियरजेट विमान की मालिक कंपनी ‘वीएसआर’ पर भी गंभीर आरोप लगाए। रोहित पवार का कहना था कि कंपनी का नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के कुछ अधिकारियों पर प्रभाव है, जिसके कारण उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि 2023 में वीएसआर के एक विमान की दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट आने के बावजूद कंपनी का परिचालन लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया गया।
रोहित पवार ने यह भी कहा कि बुकिंग कराने वाली कंपनी ‘एरो’, वीएसआर और पायलट सुमित कपूर — तीनों की भूमिका संदेह के घेरे में है। उनके मुताबिक, दुर्घटना से पहले विमान का ट्रांसपोंडर बंद होना, अंतिम समय में पायलट बदलना और खराब दृश्यता के बावजूद कठिन रनवे पर उतरने का फैसला कई आशंकाओं को जन्म देता है।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि मूल पायलट साहिल मदान और यश ट्रैफिक में फंसने के कारण देरी से पहुंचे, लेकिन सुमित कपूर और शांभवी पाठक समय पर हवाई अड्डे कैसे पहुंच गए। रोहित पवार के अनुसार, शांभवी पाठक के पास लियरजेट उड़ाने का अनुभव कपूर से अधिक था, इसके बावजूद निर्णय किस आधार पर लिया गया, यह स्पष्ट नहीं है।
वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने पहले ही इस हादसे को एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताया था और किसी भी साजिश की संभावना से इनकार किया था। हालांकि, रोहित पवार का कहना है कि जब तक सभी सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिलते, तब तक इस हादसे को सामान्य दुर्घटना मानना जल्दबाजी होगी।

