नागपुर: एम्स नागपुर के स्नातक छात्रों की मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े मिलने की तस्वीरें बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की फूड ब्रांच की दो सदस्यीय टीम ने गुरुवार को संस्थान पहुंचकर मेस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट उपलब्ध न होना, टूटी हुई फर्श और अन्य स्वच्छता संबंधी खामियां सामने आईं। टीम ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जांच में क्या-क्या मिला?
FDA की टीम में किरण गेडाम सहित एक अन्य अधिकारी शामिल थे। सुबह करीब 11 बजे टीम सीधे छात्र मेस पहुंची। निरीक्षण के दौरान:
* मेस कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराए गए।
* रसोईघर में धुआं निकासी (वेंटिलेशन) की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली।
* उपयोग किए जा रहे पानी की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।
* कुछ हिस्सों में फर्श की टाइलें उखड़ी हुई पाई गईं।
अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। शुरुआत में छात्रों ने औपचारिक शिकायत से इनकार किया, लेकिन अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यदि कोई शिकायत है तो वे आगे आएं, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
FDA ने ठेकेदार को दो दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है। साथ ही छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न करने की सख्त चेतावनी देते हुए लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की बात कही गई है।
प्रशासन से मांगे गए दस्तावेज
जांच टीम ने एम्स प्रशासन से मेस सप्लायर के साथ हुए अनुबंध की प्रतियां भी तलब की हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के संबंध में भी जानकारी ली गई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि कई अधिकारी भी इसी मेस में भोजन करते हैं। टीम ने मेस में भोजन करने वाले छात्रों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं का भी आकलन किया।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि एम्स नागपुर की मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े पाए गए। कुछ छात्रों का कहना है कि भोजन करने के बाद उन्हें यह बात पता चली। इस घटना के बाद मेस प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं और छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
एम्स के डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. सिद्धार्थ दुबाशी ने स्पष्ट किया कि 1 फरवरी से मेस का ठेका नए ठेकेदार को दिया गया है। उनके अनुसार, सभी नियमों का पालन करते हुए मेस का संचालन किया जा रहा है और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस स्थान पर छात्र भोजन करते हैं, वहीं विभागाध्यक्ष भी भोजन करते हैं, इसलिए खाने में कीड़े मिलने की घटना शरारत भी हो सकती है। मामले की जांच जारी है।
दूसरे दिन भी कीड़ा मिलने का दावा
छात्रों के बीच यह भी चर्चा है कि लगातार दूसरे दिन भी भोजन में कीड़ा मिला। संबंधित तस्वीरें और संदेश एक व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा किए गए हैं। हालांकि, प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भोजन में दोबारा कीड़ा मिला या नहीं।



