नागपुर : संतान न होने की पीड़ा ने एक मजदूर को अपराध की राह पर धकेल दिया। नागपुर जिले के कळमेश्वर क्षेत्र में मध्य प्रदेश से आए एक मजदूर ने अपने ही सहकर्मी की दो वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची को कुछ ही घंटों में सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
यह घटना शुक्रवार रात कळमेश्वर स्थित एस.बी.एल. विस्फोटक कंपनी परिसर में घटी। आरोपी की पहचान मुकेश कुमार धुर्वे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले का रहने वाला है और बीते कुछ महीनों से कंपनी में मजदूरी कर रहा था।
सहकर्मी की बच्ची को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, मुकेश कुमार अपने सहकर्मी अमित कुमार पटेल के परिवार के साथ नजदीकी इलाके में रहता था। पटेल की दो साल की बेटी (नाम बदला हुआ) उसे “काका” कहकर बुलाती थी। आरोपी का बच्ची के प्रति खास लगाव था और वह अक्सर उसे खाने-पीने की चीजें देता था।
दस साल की शादी, लेकिन नहीं थी संतान
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी की शादी को करीब दस साल हो चुके थे, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। इसी मानसिक तनाव और भावनात्मक कमजोरी के चलते उसने बच्ची को अपने साथ गांव ले जाने की योजना बनाई थी।
मौका पाकर उठा ले गया बच्ची
शुक्रवार रात जब बच्ची अकेले खेल रही थी, तभी आरोपी उसे चुपचाप उठा ले गया। पहचान होने के कारण बच्ची ने कोई विरोध नहीं किया। बाद में आरोपी ने बच्ची को कंपनी की बस में सुला दिया, जो मजदूरों को लाने-ले जाने के लिए उपयोग में लाई जाती है।
पुलिस की मुस्तैदी से बची अनहोनी
इधर बच्ची के घर से गायब होने पर परिजनों ने तुरंत कळमेश्वर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जिले के बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर दी।
इसी दौरान बस चालक को बस में एक बच्ची सोती हुई दिखाई दी। उसे पहले ही बच्ची के लापता होने की जानकारी मिल चुकी थी, जिसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने बच्ची को गांव ले जाने की योजना कबूल की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

