मुंबई: महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव फरवरी के पहले सप्ताह में कराए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) अगले सप्ताह चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है।
एसईसी छह जनवरी को उन जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक करेगा, जहां तीसरे चरण में मतदान प्रस्तावित है। इस समीक्षा बैठक में चुनावी तैयारियों, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की उपलब्धता और चुनावी मशीनरी की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह में मतदान तिथि पर अंतिम निर्णय लेते हुए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। आयोग को 10 फरवरी से शुरू होने वाली 12वीं कक्षा की परीक्षाओं से पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।
एसईसी के एक अधिकारी ने बताया, “पूरी चुनाव प्रक्रिया में करीब 28 दिन लगेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) से नई ईवीएम की आपूर्ति 15 जनवरी के बाद शुरू होने की उम्मीद है।”
उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों की ड्यूटी से कर्मचारियों के मुक्त होते ही उन्हें जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में तैनात किया जाएगा। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, लगभग 35,000 मतदान केंद्रों के लिए कम से कम 70,000 ईवीएम और 1.5 लाख से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।
अधिकारी ने बताया कि यदि आठ जनवरी से पहले तीसरे चरण के चुनावों की घोषणा नहीं होती है, तो जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव फरवरी के पहले सप्ताह में ही कराए जा सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे उच्चतम न्यायालय की 31 जनवरी की समयसीमा का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन 21 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में आयोग अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों को अदालत के समक्ष रखेगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर और दिसंबर में दिए आदेशों में एसईसी को निर्देश दिया था कि 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा से अधिक होने पर भी नगर निकाय, नगर पंचायत और नगर परिषदों के चुनाव कराए जाएं।
राज्य में 264 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के पहले चरण के चुनाव दो दिसंबर को हुए थे, जबकि 24 अन्य निकायों के चुनाव 20 दिसंबर को संपन्न हुए। वहीं, महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को प्रस्तावित हैं।

